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एक लडका था शामू।वह बहूत ही अमीर था।वह कहता बिना काम किए मेया जीवन आसानी से बित सकता है। एक दिन कि बात है उसके पिताजी सुबह कुर्सी पर बैठे थे.तभी डाकिया आया और एक पत्र थमा गया। पत्र पढते ही राजन[पिताजी]का चेहया पिला पड गया। उसने पुछा क्या हुआ पिताजी?॰॰॰

मन की शक्ति=मन की शक्ति का क्या कहना।मन की शक्ति से फ्यूज बल्ब भी जल ऊठता है। अगर हमारा मन चाहे तो कठीन से कठीन काम आसानी से करा सकता है अगर हम अच्छे काम करते है तो हमारे मन को काफी खुशी मिलती है। अगर बुरे काम करते है तो मन रोकती है।