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एक लडका था शामू।वह बहूत ही अमीर था।वह कहता बिना काम किए मेया जीवन आसानी से बित सकता है। एक दिन कि बात है उसके पिताजी सुबह कुर्सी पर बैठे थे.तभी डाकिया आया और एक पत्र थमा गया। पत्र पढते ही राजन[पिताजी]का चेहया पिला पड गया। उसने पुछा क्या हुआ पिताजी?॰॰॰
BAHUT KHUB
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