क्या लिखूँ ?

कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ,

या दिल का सारा प्यार लिखूँ।

कुछ अपनों के ज़ाज़बात लिखूँ,

या सापनों की सौगात लिखूँ।

मैं खिलता सूरज आज लिखूँ,

या चेहरा चाँद गुलाब लिखूँ।

वो डूबते सुरज को देखूँ,

या उगते फूल की सांस लिखूँ।

वो पल में बीते साल लिखूँ

या सादियो लम्बी रात लिखूँ।

सागर सा गहरा हो जाऊं,

या अम्बर का विस्तार लिखूँ।

मै तुमको अपने पास लिखूँ,
या दूरी का ऐहसास लिखूँ।

वो पहली -पहली प्यास लिखूँ,

या निश्छल पहला प्यार लिखूँ।

सावन की बारिश मेँ भींगूँ,

या मैं आंखों की बरसात लिखूँ।

कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ,

या दिल का सारा प्यार लिखूँ।

          📝   रियाजुद्दीन मोहम्मद

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